Anupama Written Update 3rd July 2023 Episode : Maya Dies In Road Accident

Anupama Written Update 3rd July 2023 Episode : माया कार की चाबियाँ देखती हुए सोचती है कि अनुपमा ने उसके लिए कोई और रास्ता नहीं छोड़ा है और अब उसे अनुपमा को अनुज और उसकी लाइफ से हमेशा के लिए हटाना होगा।

सड़क पर चलते समय अनुपमा कांता से कहती है कि वह कुछ समय के लिए अकेली रहना चाहती है , कांता उससे मानसिक रूप से बीमार माया के बारे में चिंता न करने के लिए कहती है। तभी भावेश कहता है कि अगर माया मानसिक रूप से बीमार है, तो उसे अस्पताल में होना चाहिए। अनुपमा कहती है कि वह इस बारे में बात नहीं करना चाहती है और उसे कुछ समय के लिए अकेला छोड़ दिया जाये।

माया अनुपमा की ओर कार चलाती है, हाल की सभी घटनाओं को याद करती है, और अनुपमा की ओर तेजी से कार बढ़ाती है और उसे कार से टक्कर मर देती है। पर ये सब वो अपने मन में सोचती है और फिर होश में आ जाती है और महसूस करती है कि यह उसकी कल्पना थी। वह चिंतित होकर अपने कमरे में जाती है और सामान फेंकने लगती है , तभी अनुपमा उस कमरे में आती है।

अंकुश अनुज से पूछता है कि उसने अनुपमा को माया के कमरे में जाने से क्यों नहीं रोका और कांता से पूछता है कि वह अनुपमा को यहां वापस क्यों ले आई। कांता कहती है कि अनुपमा ने उसकी बात नहीं सुनी। अनुज कहता है कि अनुपमा माया से बात करने के लिए अड़ गई और उसने चेतावनी दी कि जब तक वह बाहर नहीं आती तब तक कोई भी उसे परेशान न करे।

बरखा बड़बड़ाती है कि वह इस नाटक से और थक गई है , अधिक कहता है कि वह भी परेशां हो गया है और थक गया है। बरखा पूछती है कि उसकी पत्नी पाखी कहाँ है ? अधिक कहता है कि वह अपने कमरे में रो रही होगी। बरखा उसे पाखी के पास जाने और उसे शांत करने के लिए कहती है, अधिक मना कर देता है।

अनुपमा माया के कमरे की चीजे ठीक करती है , माया चिल्लाती है कि वह यहां क्यों आई है जब उसे यहां कोई पसंद नहीं है, तो उसे इस घर से बाहर निकल जाना चाहिए। अनुपमा उसका हाथ पकड़ती है और कहती है कि वह उससे बात करना चाहती है, उसे बैठाती है और उसके हाथ में भगवान श्री गणेश की मूर्ति देती है जिससे माया शांत हो जाती है।

अनुज कहता है कि वह अब और इंतजार नहीं कर सकता और अनुपमा को देखने जा रहा है। भावेश उसे रोकता है और कहता है कि अगर अनुपमा माया से बात करने गई है, तो उसने कुछ अच्छा ही सोचा होगा। कांता कहती है कि अनुपमा को उसकी मदद की जरूरत नहीं है और अगर उसे अनुपमा की मदद करनी थी तो उसे पहले ही माया को कही और भेज देना चाहिए था।

किंजल शाह हाउस में सबको बताती है कि पाखी लगातार रो रही है और अनुपमा माया से बात करने गई है। शाह परिवार अनुपमा के लिए चिंता करते हैं। डिंपी सोचती है कि किंजल हमेशा इतनी शांत कैसे रह सकती है; वह समर के साथ डांस अकादमी और फिर कहीं जाने वाली थी, लेकिन अनुपमा के कभी न खत्म होने वाले नाटक ने इसे बर्बाद कर दिया। अनुपमा के अमेरिका जाने के बाद ही वह अपने बारे में सोच सकती है।

वनराज कहता है कि माया के द्वारा उसके बैग बाहर फेंकने और उसे अपमानित करने के बाद अनुपमा को दोबारा वहां नहीं जाना चाहिए था। लीला उम्मीद करती है कि माया अब अनुपमा को नुकसान नहीं पहुंचाएगी।

अनुपमा माया से कहती है कि मन में क्रोध और हथेली पर आग दोनों उन्हें जला देती है, वह और अनुज कोई साजिश नहीं कर रहे हैं, वे एक-दूसरे से प्यार करते हैं और जब भी चाहें, खुलकर साथ रहेंगे, वे पति-पत्नी हैं और यह उनका अधिकार है। साथ रहने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता। वह आगे कहती है कि उसे नहीं पता था कि अनुज भी अमेरिका जा रहा है, अनुज 7 जन्मों के लिए केवल उसका है और उसे उससे कोई नहीं छीन सकता; उसने अपनी बेटी अनु के लिए अपना अधिकार छोड़ा है, उसने अपने प्यार का बलिदान दिया है लेकिन प्यार करना बंद नहीं किया है, एक माँ अपने बच्चे के लिए कुछ भी त्याग कर सकती है।

वह आगे कहती है कि माया ने कभी भी अनुज से प्यार नहीं किया, बल्कि वह उसे उससे छीनने की जिद पर अड़ी थी , उसने अपनी बेटी की खातिर माया के सारे नाटक झेले , उसे अनुज के लिए हमदर्दी है, जिसे माता-पिता को खोना, मुक्कू की गलत व्यक्ति से शादी करना, उससे अलग होना, माया की बकवास को सहन करना और सबसे बढ़कर सभी द्वारा दोषी ठहराया जाना, इतनी सारी भावनात्मक उथल-पुथल से गुजरना पड़ा। सहनशीलता की भी एक सीमा होती है और एक बार वह टूट गया तो फिर कभी नार्मल नहीं हो पाएगा।

वह अपने लंबे भाषण को जारी रखते हुए बताती है कि कैसे छोटी अनु अपनी बायोलॉजिकल माँ के कारन परेशान हो रही है, कैसे छोटी अनु अनाथ आश्रम में भगवान से अपने माता-पिता को भेजने के लिए प्रार्थना करती थी और जब उसे मां मिली, तो उसकी मां ने उसे इतना डरा दिया कि वह अपनी मां के पास जाने से भी डरती है, आदि, आदि, और अंत में कहती है कि बहुत देर होने से पहले माया को स्थिति को संभालना होगा। माया को छोटी अनु का डरा हुआ चेहरा याद आता है।

प्रीकैप: माया अनुपमा से उसके पेरो में गिरकर अपनी गलतियों के लिए माफी मांगती है और अचानक उसे खांसी आने लगती है। अनुपमा उसके लिए पानी लेने जाती है। माया अनुपमा की ओर एक तेज रफ्तार ट्रक को आते हुए देखती है, और वो भागकर अनुपमा को धक्का देकर बचती है लेकिन खुद ट्रक की चपेट में आ जाती है।


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