Anupama Written Update 31 July 2023 Episode

Anupama Written Update 31 July 2023 Episode : अनुज शाह और कपाड़िया फैमिली को उनके बीच कई मतभेद होने के बाद भी काव्या के गोद भराई समारोह को खुशी से मनाने के लिए धन्यवाद देता है। अनुज कहता है कि उन्हें अपने रास्ते में आने वाली हर समस्या को एकजुट होकर हराना चाहिए। हसमुख कहते है कि उन दोनों ने सभी को भावुक कर दिया।

तोशु पूछता है कि क्या पार्टी ख़त्म हो गई है। अनुज कहता है कि पार्टी अभी भी जारी है। वनराज और अनुज अपने पार्टनर के साथ जब कोई बात बिगाड़ जाए.. गाने पर डांस करते हैं। पूरा परिवार उनके साथ शामिल होता है और डांस करता है।

अनुपमा काव्या के तनाव को नोटिस करती है। काव्या उसे एक तरफ ले जाती है और अनुपमा से कहती है कि वह उससे कुछ कहना चाहती है। अनुपमा उसे बताने के लिए कहती है। काव्या कहती है कि हर कोई बहुत खुश है, खासकर वनराज जो खुशी से पागल हो गया है और अपने बच्चे के आने से पहले ही उससे जुड़ गया है; लीला बहुत अच्छी हो गई है और वनराज ने पहले ही बच्चे के नाम आदि के बारे में सोचना शुरू कर दिया है। अनुपमा पूछती है कि जब सब कुछ सही है, तो समस्या क्या है। काव्या कहती है कि उसे डर है कि अगर उसका रहस्य सामने आया तो सब कुछ नष्ट हो जाएगा; वह इसे छुपाने में असमर्थ है क्योंकि उसका अपराधबोध उसे अंदर ही अंदर खा रहा है। अनुपमा उससे वो रहस्य बताने के लिए कहती है।

काव्या कहती है कि उसका बच्चा वी का नहीं है। अनुपमा हैरान रह जाती है। काव्या दोहराती है। अनुपमा उसे एक कमरे में ले जाती है और पूछती है कि मिस्टर शाह नहीं तो क्या उसके बच्चे का पिता अनिरुद्ध है? काव्या हाँ में सिर हिलाती है।

वनराज परिवार को बताता है कि यह उसके जीवन का सबसे खूबसूरत दिन है। अनुज कहता है कि वह नाच नाच के थक गया है। वनराज मजाक में कहता है कि अनुज बूढ़ा हो गया होगा, लेकिन वह नहीं हुआ क्योंकि वह पिता बन रहा है, और फिर वह पानी पीने चला जाता है।

अनुज अनुपमा की तलाश में जाता है और वनराज काव्या की तलाश में।

काव्या अनुपमा से कहती है कि वह उस पर अपने रहस्य का बोझ नहीं डालना चाहती थी, लेकिन वह अपने रहस्य को केवल उसके साथ साझा करने में सहज महसूस करती है, काव्य उससे माफ़ी मांगती है। अनुपमा कहती है कि उसे अपने कृत्य के लिए पछतावा होना चाहिए न कि सच बताने के लिए। वह पूछती है कि यह कैसे हुआ जबकि अनिरुद्ध सिर्फ उसका दोस्त था।

वनराज और अनुज मिलकर अनुपमा और काव्या को खोजते हैं और सोचते हैं कि काव्या को कमजोरी महसूस हुई होगी और अनुपमा उसे एक कमरे में ले गई होगी। तभी छोटी उन्हें रोक लेती हैं और उनके साथ फोटो लेने की जिद्द करती हैं।

काव्या कहती है कि वह एक पल के लिए कमजोर हो गई थी। अनुपमा कहती है कि उसके एक कमजोर पल की सजा पूरे परिवार को भुगतनी पड़ेगी; अगर उसे अपने रिश्ते से दिक्कत है तो उसे रिश्ता तोड़ दे और फिर जो करना हो वो करे; वह बेवफाई के लिए कोई बहाना नहीं दे सकती।

काव्या कहती है ये गलती उसकी अकेले की नहीं है ,बल्कि वनराज और परिवार की भी गलती है क्योंकि वनराज कभी भी उससे ठीक से बात नहीं करता था और लीला हमेशा उसे ताना मारती थी; उसने वनराज के लिए बहुत त्याग किया और उसके परिवार के लिए खुद में बदलाव किये, लेकिन उन्होंने कभी भी उसके प्रयास की सराहना नहीं की; वह वनराज से बेहद प्यार करती है, लेकिन बदले में उसे कभी प्यार नहीं मिला। वह याद दिलाती है कि कैसे वनराज 8 साल तक अफेयर के बाद उससे शादी नहीं करना चाहता था और उसने कभी उसे महत्व नहीं दिया; उसने घर छोड़ दिया और होटलों में रहने लगी, लेकिन वी और उसके परिवार ने कभी उसे ढूंढने की कोशिश नहीं की; वह एक मॉडलिंग असाइनमेंट के लिए मुंबई गई थी तब वहां उसकी मुलाकात अनिरुद्ध से हुई और एक दिन वो अनिरुद्ध से मिलकर उसके गले लगकर बहुत रोई, और उस पल वो कमजोर पड़ गई।

वनराज अनुज से कहता है कि वो छोटी के साथ रहे, वह जाकर काव्या को देखता है। जाते हुए उसे सीढ़ियों पर एक पैर में क्रैम्प आ जाता है अनुज मजाक में कहता है कि वह सचमुच बूढ़ा हो गया है और उसकी मदद करता है। वनराज कहता है कि वह काव्या के लिए चिंतित है और सबसे पहले उसे देखना चाहता है।

वही दूसरी और काव्या अनुपमा के सामने खुद को सही ठहराती रहती है।

PRECAP: वनराज काव्य के मुँह से यह सुनकर टूट जाता है कि वो बच्चा उसका नहीं अनिरुद्ध का है। ब्रखा अनिरुद्ध के नाजायज बेटे को स्वीकार करने से इंकार कर देती है और अनुपमा से पूछती है कि अगर लड़का अनुज का नाजायज बच्चा होता तो क्या उसने उसे घर पर रहने दिया होता।

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