Anupama Written Update 21 July 2023 Episode

Anupama Written Update 21 July 2023 Episode : डिंपी समर से बहस करती है कि उसने मीडिया में अनुपमा के खिलाफ बयान देकर कुछ भी गलत नहीं किया है। समर उसे अपनी गलती स्वीकार करने के लिए कहता है। डिंपी का कहना है कि जब उसका परिवार उसकी आलोचना करता है तो कम से कम उसे उसका साथ देना चाहिए।

समर कहता है कि वह हमेशा गलत करती है और वह उससे साथ देने की उम्मीद नहीं कर सकती। परिवार लिविंग रूम से उनका झगड़ा सुनता है। लीला कहती है कि डिंपी समर का सिर न फोड़ दे , उसे जाकर झगड़ा शांत करना चाहिए । हसमुख उसे रोक देते है।

तोशु कहता है कि डिंपी हमेशा ही ऐसी हरकते करती है। वनराज उससे कहता है जैसे वो तो श्रवण कुमार है , उसने तो अपने माँ बाप को बहुत सुख दिए है।

बापूजी कहते है जो हुआ सो हुआ। लीला कहती है कि वनराज सही था कि मालती देवी और अनुपमा के बिच की समस्या उनके परिवार को प्रभावित करेगी।

डिंपी अपनी गलती मानने से इंकार कर देती है और समर से बहस करती रहती है। वह फिर विषय को मोड़ देती है और पूछती है कि वह मुंबई से अचानक क्यों लौटा। समर कहता है कि प्रायोजकों ने कहा कि वे उसे काम करने का मौका दे सकते हैं लेकिन पैसे नहीं दे सकते। वह पूछती है कि क्या उसने आने जाने का खर्च लिया या नहीं । वह मन कर देता है । वह चिल्लाती है कि वह अपना अधिकार ऐसे कैसे छोड़ सकता है। समर बोलता है कि क्या वह उनसे भीख मांगता ? तभी उसे एक कॉल आता है, और वह चौंक जाता है और भागकर घर से बाहर जाता है।

कपाड़िया हाउस में अनुपमा छोटी के लिए अपनी सरप्राइज पार्टी खत्म करती है और उसे केक और जूस पिलाती है। छोटी उसकी ड्रेस पर जूस गिरा देती है और उसे साफ करने चली जाती है। अनुपमा कहती हैं कि दुख बिन बुलाए आते हैं, लेकिन उन्हें खुशियों को बार-बार बुलाना पड़ता है। अनुज कहता है कि वे घर में खुशियां बनाये रखेंगे।

बरखा पूछती है कि क्या उन्होंने आज का समाचार पत्र पढ़ा है। अनुपमा अनुज का ध्यान भटकाने की कोशिश करती है. अनुज जबरदस्ती समाचार पत्र पढ़ता है और समाचार पढ़कर गुस्सा हो जाता है। पाखी आगे खबर पढ़ती है और बोलती है कि डिंपी ऐसा कैसे कर सकती है। अनुज समाचार पत्र के संपादक को फोन करता है और उसे धमकी देता है कि वह झूठी एकतरफा खबर के लिए माफी मांगे अन्यथा वह उसके समाचार पत्र पर मुकदमा कर देगा।

अनुपमा कहती है कि उसने पहले ही समाचार पत्र पढ़ लिया था , और वह डिम्पी से सवाल नहीं करेगी क्योंकि कोई मतलब नहीं है। वह भाषण देती है कि तमाशे और लड़ाई में पर्दे का अंतर है, जो पर्दे के पीछे होता है वह लड़ाई है और जो पर्दे के बाहर होता है वह तमाशा होता है, डिम्पी को यह अंतर नहीं पता है।

पाखी कहती है कि वह डिंपी को नहीं छोड़ेगी। अनुपमा कहती है कि पाखी डिंपी से कोई सवाल नहीं करेगी और परिणामों के लिए खुद को दोषी मानती है क्योंकि उसने अपने गुरु का भरोसा तोड़ा है। अनुज उससे खुद को दोष न देने के लिए कहता है और कहता है कि वह मालती देवी के नुकसान की भरपाई करेगा। अनुपमा कहती है कि वह अपनी गुरुमां की दोषी है और सजा भुगतेगी।

पाखी कहती है कि पहले उसने लीला को इतनी ज्यादा रेस्पेक्ट दी और अब गुरुमाँ को भी इतना ज्यादा महत्त्व दे रही है। किसी को इतना सम्मान नहीं देना चाहिए कि अपनी सेल्फ रेस्पेक्ट खत्म हो जाए। अनुपमा कहती हैं कि जब तक कोई छात्र अपने गुरु का सम्मान नहीं करेगा और खुद को पूरी तरह से शिक्षक के प्रति समर्पित नहीं कर देगा, तब तक उन्हें पूर्ण ज्ञान प्राप्त नहीं होगा; यह उसके और उसकी गुरुमाँ के बीच कि बात है और जब तक वह अपनी गुरुमाँ से माफ़ी नहीं मांग लेती, तब तक वह शांत नहीं बैठेगी।

हालाँकि, अनुज का कहना है कि उसे अभी गुरुमा से नहीं मिलना चाहिए। अनुपमा कहती है कि जब अनुज ने उसे छोड़ दिया था, तो गुरुमाँ ने उसे छात्र के रूप में स्वीकार करके उसका समर्थन किया और यहाँ तक कि नकुल के स्थान पर उसे उत्तराधिकारी भी बनाया, गुरुमाँ ने उसके अमेरिका जाने के सपने को पूरा करने की कोशिश की, लेकिन उसने महान गुरुमाँ को ठेस पहुँचाई; गुरुमाँ ने उसकी दुनिया बदल दी, लेकिन उसने गुरुमाँ की दुनिया को बर्बाद कर दिया। वह अपने 20000 पेज के भाषण को जारी रखते हुए बताती है कि माफी कैसे चीजों को सही कर सकती है।

गुरुमाँ देखती है कि सुबह के 10 बज चुके हैं। अनुपमा कहती है कि वह अब जाकर गुरुमाँ से माफ़ी मांगेगी। पाखी पूछती है कि अगर गुरुमाँ सहमत नहीं हुईं तो क्या होगा। अनुपमा कहती है कि वह तब तक माफ़ी मांगेगी जब तक गुरुमाँ उसे माफ नहीं कर देतीं, और वह गुरुमा से मिलने निकल पड़ती है।

अधिक कहता हैं कि पिछली बार गुरुमाँ ने अनुपमा को थप्पड़ मारा था, इस बार पता नहीं क्या करेगी। पाखी कहती है कि अनुपमा कहती है कि बातचीत से चीजों को सुलझाया जा सकता है।

दूसरी और गोवेर्मेंट ऑफिसर्स बिना किसी कानूनी अनुमति के अवैध रूप से चलाने के लिए अनुपमा की नृत्य अकादमी को सील कर देते है। समर, वनराज और तोशु अधिकारीयो से ऐसा न करने कि बिनती करते है , लेकिन अधिकारी का कहना है कि उनके पास कोई वाणिज्यिक लाइसेंस नहीं है और इसलिए इसे अगले आदेश तक सील कर दिया जाएगा। वनराज को गुरुमाँ की चुनौती याद आती है।

अनुपमा गुरुकुल पहुंचती है। नकुल उसे रोकता है और कहता है कि वह अपनी बहन और माँ को परेशान होते नहीं देख सकता। अनुपमा कहती है कि वह तब तक नहीं रुकेगी जब तक उसे गुरुमाँ से माफ़ी नहीं मिल जाती। गुरुमाँ अनुपमा के नाटक को याद करते हुए गुस्से में नाचती हैं और सोचती हैं कि उसने अपना पहला वार पहले ही कर दिया है।

PRECAP: अनुज शाह फॅमिली को बताता है कि अनुपमा गुरुमाँ से माफ़ी मांगने गई है और उम्मीद करती है कि गुरुमाँ उसे माफ कर देंगी। गुरुमाँ कहती हैं कि वह एक शर्त पर उसे माफ़ करेगी और उसे शीला की जवानी.. गाने पर डांस करवाती है।


Leave a Comment